गम्हरिया : बुधवार 28 फरवरी को गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत नारायणपुर पंचायत के घाघी मैदान में आज झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति के बैनर तले राजनीति की नई परिभाषा, जहां लोकसभा चुनाव से पहले सरायकेला जिले के खरसावां विधायक की बातों से नाराज होकर पंचायत की राजनीति करने वाले गम्हरिया प्रखंड उपप्रमुख मोहम्मद कियाम हुसैन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा का मोह त्याग कर सक्रिय राजनीति करने झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति का दामन थाम लिया।
जहां जेबीकेएसएस की कमेटी ने भी पूरे जोरदार तरीके से प्रखंड उपप्रमुख का पारंपरिक विधि विधान के साथ माला पहनकर हजारों की मौजूदगी में स्वागत किया है। खुले मंच से स्थानीय भाषा में जेबीकेएसएस के वक्ताओं ने उप प्रमुख कियाम का शामिल होना जाति, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर की जाने वाली राजनीति का प्रतीक बनने की एक सफल कोशिश सरायकेला जिले में की है।
वही अपनी बातों को रखते हुए प्रखंड उपप्रमुख कियाम ने कहा की कुछ दिनों पहले खरसावां के विधायक दशरथ गगराई जिनके लिए उन्होंने काफी मेहनत की है एवं छोटी-छोटी सभाओं में लोगों को जागरुक कर उनके पक्ष में वोटिंग करवा कर उन्हें विधायक बनाया, उन्हीं के द्वारा सार्वजनिक रूप से मोहम्मद कियाम हुसैन को अपमानित किया गया एवं उन्हें राजनीति की समझ नहीं होने का हवाला दे दिया, जिससे नाराज होकर आज कियाम हुसैन ने हजारों के समर्थकों के साथ झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति का दामन थाम लिया है।
उन्होंने कहा है कि इसके पूर्व उन्होंने ईचागढ़ विधानसभा से भी चुनाव लड़ा है जहां उन्होंने 10000 से ज्यादा वोट लाकर यह साबित कर दिखाया है कि उन्हें राजनीति की समझ कितनी है।
उन्होंने कहा कि अपने चुनाव में उन्होंने कभी किसी की मदद नहीं ली लेकिन अपने मदद से दूसरे को जरूर विधायक बनाया है। वहीं उन्होंने यह साफ कर दिया है अगर ईचागढ़ विधानसभा से जेबीकेएसएस की टीम उन्हें चुनाव लड़ने के लिए मौका नहीं भी देगी तो भी टाइगर जयराम महतो के भाषणों से वे काफी ज्यादा प्रभावित है। जहां टाइगर ने पूर्व में ही कहा था कि जिन्हें वे लोग चुनते हैं बाद में वही बदल जाते हैं इसलिए अब सिर्फ स्थानियों को ही मौका दिया जाएगा।
