सरायकेला: झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से शुक्रवार को चौका-कांड्रा मार्ग स्थित खूंटी के नरसिंह इस्पात लिमिटेड की प्रस्तावित विस्तार परियोजना को लेकर जनसुनवाई आयोजित की गई थी। लेकिन इस जनसुनवाई को लेकर स्थानीय लोगों में नाराज़गी साफ तौर पर दिखाई दी।
नरसिंह इस्पात लिमिटेड की विस्तार परियोजना के तहत पिग आयरन प्लांट, सिटर प्लांट और गैस आधारित पावर प्लांट की क्षमता वृद्धि के साथ-साथ नया डक्टाइल आयरन पाइप प्लांट और ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना है।
इस परियोजना से जुड़े पर्यावरण प्रभाव आकलन यानी EIA रिपोर्ट पर चर्चा के लिए जनसुनवाई का समय दोपहर 12 बजे तय था। लेकिन समाचार लिखे जाने तक इसकी औपचारिक शुरुआत नहीं हो पाई थी।
इधर, जनसुनवाई स्थल के बाहर विस्थापित और प्रभावित ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी को यहां काम शुरू किए 15 साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अब तक शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी विकास कार्यों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
प्रदर्शनकारी ग्रामीण का कहना है कि "कंपनी सिर्फ मुनाफा कमा रही है, लेकिन गांव के लोगों के लिए कुछ नहीं कर रही। हम लोग शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधा चाहते हैं।
ग्रामीणों का साफ कहना है कि जनसुनवाई कंपनी परिसर के अंदर नहीं, बल्कि बाहर खुले मंच पर होनी चाहिए ताकि सभी लोग अपनी आपत्ति दर्ज कर सकें। विरोध की आशंका को देखते हुए प्रशासन की ओर से जनसुनवाई स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे।
यानी, एक ओर कंपनी विस्तार की योजना बना रही है तो दूसरी ओर स्थानीय लोग अधूरे वादों और विकास की अनदेखी को लेकर नाराज़ हैं। अब देखना होगा कि जनसुनवाई से आगे का रास्ता क्या निकलता है और कंपनी प्रभावित ग्रामीणों की आपत्तियों का समाधान कैसे करती है।