विधायक सोनाराम सिंकू के सवाल पर सरकार नें जवाब देते हुए जिन्तुगाड़ा से तोड़ांगहातु सड़क निर्माण पर जल्द होगी कार्रवाई, ग्रामीणों की उम्मीद जग्गी
विधायक सोनाराम सिंकु के द्वारा सदन में उठाए गए सवाल के बाद राज्य सरकार ने जिन्तुगाड़ा से तोड़ांगहातु मार्ग के निर्माण पर विचार करने का दिया आश्वासन
विधानसभा में उठाया गया मुद्दा, ग्रामीणों को 7 किमी खराब सड़क से जूझने की मजबूरी
संतोष वर्मा
Chaibasaःसिंहभूम संसदीय क्षेत्र के जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले वर्षो से जर्जर अवस्था में रहने वाले जिन्तुगाड़ा से तोड़ांगहातु सड़क का निर्माण करने की मांग को लेकर गुरूवार को विधानसभा में चल रहे बजटीय सत्र के दौरान तांरकित सवाल के माध्यम से सरकार से जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु के द्वारा जबाव मांगा है की आखिर कब तक ये सरक बनेगी या नहीं यदी नहीं तो कारण बताएं.इस सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री दीपीका पाण्डेय के द्वारा मांग को स्वीकार करते हुए जबाब दिया गया है.जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी सड़क समस्या आखिरकार विधानसभा तक पहुंच गई। विधायक सोनाराम सिंकु के द्वारा सदन में उठाए गए सवाल के बाद राज्य सरकार ने जिन्तुगाड़ा से तोड़ांगहातु मार्ग के निर्माण पर विचार करने का आश्वासन दिया है। सरकार की ओर से ग्रामीण कार्य विभाग की मंत्री दिपीका पाण्डेय सिंह ने लिखित जवाब देते हुए कहा कि विभागीय नीति और बजटीय उपलब्धता के आधार पर सड़क निर्माण के संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सदन में उठा जिन्तुगाड़ा से तोड़ांगहातु सड़क का मुद्दा
विधानसभा में पूछे गए तारांकित प्रश्न संख्या 30 के माध्यम से विधायक सोनाराम सिंकू ने सरकार का ध्यान पश्चिमी सिंहभूम जिले के ग्रामीण इलाकों की जर्जर सड़क की ओर खींचा।उन्होंने सवाल किया कि क्या यह सही है कि जगन्नाथपुर प्रखंड के अंतर्गत जिन्तुगाड़ा से तोड़ांगहातु तक लगभग 7 किलोमीटर लंबी सड़क अत्यंत खराब स्थिति में है। साथ ही यह भी विधायकश्री सिंकु ने सदन में बताया कि इस सड़क की खराब स्थिति के कारण मरीजों को अस्पताल ले जाने में कठिनाई होती है तथा बच्चों को स्कूल–कॉलेज पहुंचने में दिक्कत आती है.साथ ही किसानों और ग्रामीणों को बाजार जाने में परेशानी होती है,बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है. श्री सिंकुनें
सरकार से पूछा कि क्या इस सड़क के निर्माण की कोई योजना है।
सरकार ने माना सड़क खराब
ग्रामीण कार्य विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अपने लिखित जवाब में स्वीकार किया कि उक्त मार्ग की स्थिति खराब है। उन्होंने कहा कि विभागीय नीति और बजट की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए इस पथ के निर्माण के संबंध में आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।अब सदन में मामला उठने और सरकार के जवाब के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से उपेक्षित यह सड़क अब जल्द बन सकेगी।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क कई गांवों के लिए लाईफ लाइन के समान है। सड़क बनने से न केवल आवागमन आसान होगा बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़े कार्य भी सुचारू रूप से हो सकेंगे। ग्रामीणों का मानना है कि यदि सरकार जल्द इस सड़क के निर्माण का निर्णय लेती है तो क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। वर्षों से जर्जर सड़क के कारण गांवों की प्रगति बाधित हो रही है। अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी है.
