उपायुक्त के आदेश के आलोक में विधायक सोनाराम सिंकु ने विभागीय सचिव से आदेश की संपुष्टि की मांग की
विभागीय कार्यशैली में फंसा डीसी साहेब और विधायक का प्रयासः सुत्र
सूत्रों के अनुसार बिना चढ़ावा के डीसी साहेब के आदेश की सम्पुष्टि संभव नहीं होगी
संतोष वर्मा
Chaibasaःग्रामीण कार्य विभाग के कार्य प्रमंडल चाईबासा के रिक्त पद पर जिला के उपायुक्त चंदन कुमार के द्वारा कार्यकारी व्यवस्था के तहत विकास हित में चक्रधरपुर प्रमंडल में पदस्थापित अधिसूचित कार्यपालक अभियंता विशाल खलको प्रभारी नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया गया लेकिन वित्तय अधिकार नहीं दिए जाने के कारण कार्य प्रभावित हो रहा था.इसी मामले को लेकर उपायुक्त के आदेश के आलोक में जगन्नाथपुर विधायक सह उपमुख्य सचेतक झारखंड सरकार सत्तारूढ़ दल सोनाराम सिंकु ने विभागीय सचिव को पत्र लिख कर आदेश की संपुष्टि की मांग की इस मामला में उपायुक्त चंदन कुमार ने AG और विभाग को आदेश की सम्पुष्टि के लिए पत्राचार नहीं किए जाने से प्रभारी कार्यपालक अभियंता कोई भी वित्तीय संबंधित कार्यों का निपटारा नहीं कर पा रहे हैं। दूसरी ओर संवेदकों की मांग पर जगन्नाथपुर के विधायक सोनाराम सिंकु ने विभागीय सचिव मनोज कुमार से मिलकर डीसी के आदेश की सम्पुष्टि करते हुए सम्पूर्ण विभागीय अधिकार देने की मांग लिखित रूप से की गई है। ढाई माह बीतने से संवेदकों का भुगतान नहीं होने से आर्थिक व्यवस्था चरमरा गया है। आदिवासी समुदाय का सबसे बड़ा महापर्व ( मागे पर्व ) फीका पड़ता नजर आ रहा है, वहीं गांव देहात के हाट बाजार में आर्थिक मंदी का असर देखने को मिल रहा है। विभागीय कार्यशैली और अफसरशाही के चक्कर में संचिका किस बाबू के पास ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है, यह सवाल चिन्ता का विषय है। ढाई माह से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है, इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। विधायक सोनाराम सिंकु अपने ही सरकार से जूझते नजर आ रहे हैं। अब देखना है कि डीसी साहब का आदेश और विधायक सोनाराम सिंकु का प्रयास को विभागीय अधिकारी पूरा करने में कितना समय लगातें है, यह सवाल बड़ा है।
विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से संवेदक बैंक डिफॉल्टर हो रहे हैं. सूत्र
संवेदक के परिवार पर आर्थिक संकट गहराया, शादी ब्याह भी पड़ा भारी, शादी का date बढ़ाने पर मजबूर. सूत्र
लंबे समय से आर्थिक मार झेल रहे संवेदक कभी भी आत्महत्या करने के कगार तक पहुंच सकते हैं. सूत्र
चाईबासाःसंवेदक की दयनीय हालत पर विभाग पर कोई असर नहीं पड़ता दिख रहा है, कुछ संवेदक का हालत ऐसा है कि कभी भी आत्महत्या करने के कगार पर पहुंच सकते हैं. कई संवेदक बैंक डिफॉल्टर तक हो चुके हैं, और कुछ संवेदक बैंक की प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं.संवेदक लोगों की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उनके परिवार पर परेशानियों का पहाड़ टूट रहा है. शादी ब्याह तक का आफत का सामना करना पड़ रहा है. निकट समय में संवेदक के साथ कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है, इससे पहले सरकार,जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि अपने स्तर से इस मामला पर ध्यान दें, अन्यथा पछतावा और अफसोस का कुछ भी हाथ नहीं लगेगा.

