जगन्नाथपुर प्रखंड के कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार और छेड़खानी के मामले में जगन्नाथपुर सीएचसी प्रभारी जयंतो कुमार के खिलाफ होगी जांच,स्वास्थय विभाग साधी है चुप्पी
कौन एमपी डब्लू है जो कस्तुरबा गांधी बिद्यालय में किसके आदेश पर घुस कर बनाया अन्य चार छात्रों का बिडिया और कराया बायरल
किसके कहने पर एएनएम नें अचार संहिता लगने के दौरान किया था स्वास्थय सेवा बंद
जब जब डॉ जयतों कुमार पर लगता है गंभीर आरोप तब तब एएनएमों को सहारा लेकर जैंतगड़ पीएचसी का एक कर्मी करवाता है राजनिति और चक्रधरपुर का मानवाधिकार बैरम खान से जांच कराने का करवाता है मांग
रांची डेस्क : पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड के कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार और छेड़खानी के मामले में जगन्नाथपुर सीएचसी प्रभारी जयंतो कुमार के खिलाफ जांच होगी। सिविल सर्जन और जिला शिक्षा पदाधिकारी की शिकायत के बाद विभाग ने मामले का संज्ञान ले लिया है। मामले की इंक्वायरी के लिए एक जांच टीम गठित कर दी गई है।
छात्र के साथ की गई है अश्लील बात
जिला शिक्षा पदाधिकारी टोनी प्रेमराज टोप्पो ने बताया कि लिखित शिकायत के अनुसार जगन्नाथपुर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की एक छात्रा बीमार थी। वह इलाज कराने के लिए जगन्नाथपुर सीएचसी अस्पताल गई। वहां के प्रभारी डॉक्टर पर आरोप है कि छात्रा के साथ अश्लील बातें की हैं। इस मामले की जांच के लिए गठित टीम मामले की जांच के पश्चात रिपोर्ट जिले के डीसी चंदन कुमार को सौंपेगी।
अस्पताल में ठप रहीं ओपीडी सेवाएं
कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की छात्रा के साथ हुई घटना 2 फरवरी की है। लेकिन इतने दिनों तक मामला दबा हुआ था। अब मामला सामने आने के बाद शनिवार को जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा प्रभारी पर लगे आरोप को लेकर डॉक्टरों, एएनएम व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने ओपीडी सहित सभी सेवाएं अस्थायी रूप से ठप कर दीं। इस दौरान स्वास्थ केंद्र में उपस्थित कर्मचारियों ने एक आवेदन लिखकर चिकित्सा प्रभारी पर लगाए गए आरोप को बेबुनियाद बताया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी सत्यम कुमार अंचल अधिकारी मनोज कुमार मिश्रा पहुंच कर कर्मियों को समझाया तब जाकर दोपहर बाद ओपीडी सेवा शुरू हुई। इस दौरान एसडीओ ने सभी डॉक्टरों को कार्यालय में बुलाकर वार्ता की। एसडीओ ने कहा कि किसी व्यक्ति पर आरोप लगाने का अर्थ यह नहीं कि जन सेवा बाधित हो जाए। इस मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।

