उपायुक्त चंदन कुमार नें ग्रामीणों के आय व आजीविका को बढ़ाने से संबंधित विभिन्न विभाग के पदाधिकारियों के साथ किया महत्वपूर्ण बैठक

उपायुक्त चंदन कुमार नें  ग्रामीणों के आय व आजीविका को बढ़ाने से संबंधित विभिन्न विभाग के पदाधिकारियों के साथ किया महत्वपूर्ण बैठक 



उपायुक्त नें कहा कि प्रखंड वार संलग्न समूह को इस शर्त पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे कि, संलग्न समूह अपने क्षेत्र के किसानों को निर्धारित दर पर कृषि उपकरण सिर्फ कृषि कार्यों के लिए किराए पर देंगे

संतोष वर्मा

Chaibasaःपश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी -सह- उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला अंतर्गत कृषि/पशुपालन/मत्स्य/सहकारिता/भूमि संरक्षण/गव्य विकास प्रक्षेत्र के विविध पहलुओं को सशक्त बनाते हुए ग्रामीण स्तर पर उपरोक्त आधारित कार्यक्रमों को गति प्रदान कर संबंधित ग्रामीणों के आय व आजीविका को बढ़ाने से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अपर उपायुक्त प्रवीण केरकट्टा सहित जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, डीएमएफटी पीएमयू व अन्य उपस्थित रहे। बैठक में सर्वप्रथम उपायुक्त के द्वारा उपरोक्त सभी प्रक्षेत्रों में संचालित योजनाओं/कार्यक्रमों से संबंधित अद्यतन जानकारी प्राप्त करते हुए सभी प्रक्षेत्रों में जमीनी स्तर पर उपलब्ध संरचनाओं/समूहों को सुदृढ़ कर, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में इनका अधिकतम उपयोग के तदर्थ पृथक-पृथक बिंदुओं पर संलग्न विभाग के पदाधिकारियों के साथ विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया।

बैठक के दौरान कृषि मशीनरी तंत्र को बेहतर बनाने के लिए जिले के प्रत्येक प्रखंड में स्वयं सहायता समूह अथवा किसान उत्पादक समूह के माध्यम से कस्टम हायरिंग सेंटर के क्रियान्वन पर चर्चा के दौरान उपायुक्त के द्वारा निर्देश दिया गया कि जिले के सभी 18 प्रखंड में भूमि संरक्षण विभाग तहत आच्छादित स्वयं सहायता समूह अथवा किसान उत्पादक समूह व वर्तमान में उनके पास उपलब्ध कृषि यंत्र और कृषि कार्यों को आसान बनाने हेतु क्षेत्र स्तर पर आवश्यक कृषि यंत्र, सभी की सूची एवं संबंधित प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश दिया गया। साथ ही कहा कि प्रखंड वार संलग्न समूह को इस शर्त पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे कि, संलग्न समूह अपने क्षेत्र के किसानों को निर्धारित दर पर कृषि उपकरण सिर्फ कृषि कार्यों के लिए किराए पर देंगे। इसके अलावा जिले में सब्जी उत्पादन को बढ़ाने एवं सब्जी उत्पादकों को जिले में ही बेहतर बीज/सब्जी पौधा उपलब्ध कराने हेतु क्षेत्रानुसार हाईटेक पॉलीहाउस नर्सरी का संचालन के लिए आवश्यक तीन एकड़ जमीन को चिन्हित करने एवं संबंधित कार्य का प्राक्कलन तैयार करने के लिए भी निर्देशित किया गया।

बैठक में हॉर्टिकल्चर क्लस्टर डेवलपमेंट के तहत जिले में अनुकूलित वातावरण दृष्टिकोण से 5 फल, यथा- नारंगी/केला/कट्टहल/सरीफा आदि का उत्पादन बढ़ाने एवं स्थानीय स्तर पर ही इनका प्रोसेसिंग से संबंधित विषय पर चर्चा के क्रम में उपायुक्त के द्वारा निर्देश दिया गया कि संबंधित विभागीय पदाधिकारी एवं डीएमएफटी पीएमयू, संयुक्त रूप से उत्पादन क्षेत्र का एवं इसके वर्तमान उत्पादन क्षमता, बाजार मूल्य आदि का भौतिक सत्यापन कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। इस दौरान लिफ्ट इरीगेशन के माध्यम से जिले में कृषि क्षेत्र में वृद्धि और साल भर खेती कार्यों को संचालित रखने से संबंधित विषयों पर भी विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया। इसके अलावा उपायुक्त के द्वारा कृषि उत्पादकों को बिक्री केंद्र उपलब्ध कराने के निमित्त नोआमुंडी स्थित हाट बाजार को व्यवस्थित व विकसित बनाने के संदर्भ में भी आवश्यक निर्देश दिया गया। इस क्रम में बताया गया कि जिले में राज्य योजना अंतर्गत प्रायोगिक तौर पर 15 किसानों को मोती उत्पादन कार्य से भी जोड़ा गया है।

बैठक में मत्स्य प्रक्षेत्र अंतर्गत मत्स्य किसानों एवं मत्स्य पालकों के आय में वृद्धि के संदर्भ में उपायुक्त के द्वारा मत्स्य पदाधिकारी से जिला अंतर्गत वर्तमान में जारी मत्स्य पालन कार्यों तथा मत्स्य पालकों को उपलब्ध हो रहे मत्स्य बीज/स्पॉन/फीशफीड आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए स्थानीय स्तर पर मत्स्य किसानों को प्रोत्साहित करने हेतु जिले में मत्स्य बीज/स्पॉन व फीशफीड/हैचरी अथवा मुर्गा पालन हेतु पोल्ट्री फीड आदि तैयार करने की अनुकूलता पर विस्तार से चर्चा किया गया। साथ ही जिले में केज कल्चर के माध्यम से मछली पालन अंतर्गत 100 नए परिवारों को जोड़ने का निर्देश भी दिया गया। इस दौरान उपायुक्त के द्वारा चाईबासा के तांबो चौक स्थित कुक्कुट पालन केंद्र का भौतिक निरीक्षण कर उसके संचालन एवं संवर्धन हेतु प्राक्कलन तैयार करने, गव्य विकास अंतर्गत मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत आच्छादित गो पालकों का समूह तैयार कर दुग्ध उत्पादक समिति बनाने, पशु चारा की उपलब्धता के लिए ग्रामीण स्तर पर किसानों को प्रोत्साहित करने और कोल्ड चैन पॉइंट संचालन के लिए सहकारिता विभाग अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 से पूर्व एवं अब तक स्वीकृत कोल्ड स्टोरेज की सूची एवं वर्तमान स्थिति से संबंधित अद्यतन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया।

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