लौह अयस्क की अवैध खनन मामला में जनहित याचिका दायर करने की तैयारी, प्रशासनिक महकमा में हड़कंपः सुत्र

 लौह अयस्क की अवैध खनन मामला में जनहित याचिका दायर करने की तैयारी, प्रशासनिक महकमा में हड़कंपः सुत्र



पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के द्वारा अवैध खनन मामला में प्रशासनिक कार्रवाई नहीं किए जाने से न्यायालय में जनहित याचिका से होगी न्यायिक जांच। सुत्र


वन विभाग, खनन विभाग और पुलिस प्रशासन के साथ डीसी को पार्टी बनाए जाने की सूचना। सुत्र


नोवामुंडी थाना के अन्तर्गत पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा द्वारा अवैध खनन की ऑन स्पॉट पकड़ने पर भी कार्रवाई नहीं होने से दिल्ली तक झारखण्ड राज्य की चर्चा का असर होने लगा है। सुत्र



दिल्ली के एक गैर सरकारी संस्थान ने मधु कोड़ा के अवैध प्रकरण मामला को न्यायालय ले जाने की तैयारी में है। सुत्र

संतोष वर्मा

रांची डेस्कः झारखण्ड राज्य में घोटाला आम बात है, चाहे पशुपालन घोटाला हो या कोयला में कोयला घोटाला या फिर कोल्हान में लौह अयस्क का अवैध खनन, इतना ही नहीं पूर्वी सिंहभूम के घोड़ा बंधा में कीमती पत्थर पन्ना का अवैध खनन एवं बहुत सारी योजना में हो रही घोटाला आज राज्य को बदनामी के कगार पर पहुंचा दिया है। अवैध खनन मामला में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा साक्ष्य के साथ अवैध खनन करते पकड़े गए वाहन, मशीन पर प्रशासन और सरकार की चुप्पी आने वाले समय में सिंहभूम पर बड़ा संकट खड़ा होने से कोई नहीं रोक सकता है। अवैध खनन मामला का केंद्र बिंदु जामदा के माफिया गिरोह की अब खैर नहीं है। सरकार के संरक्षण में माफिया गिरोह का मनोबल इतना बढ़ गया है कि, मंत्री से लेकर थाना तक को अपने पॉकेट में रख लिए हैं। जहां एक तरफ केंद्र सरकार जिला के प्रशासनिक अधिकारी के साथ साथ सरकार में बैठे लोगों को अपने रडार पर रखा है, वहीं दूसरी ओर एक संस्थान इस मामला को ED एवं सीबीआई तक पहुंचाने के लिए जनहित याचिका दायर करने की तैयारी में जुटी हुई है। सूत्रों की माने तो जमशेदपुर के कई संदिग्ध माफिया गिरोह जामदा के गिरोह के साथ सांठगांठ कर प्रशासनिक अधिकारी के मिलीभगत से किए जा रहे अवैध खनन एवं अवैध लौह अयस्क को वैध बनाकर स्टील प्लांट तक पहुंचाने की घटना क्रम को विस्तृत रूप से अपने याचिका में उल्लेख किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि घटना की स्टिंग ऑपरेशन की भी बात सामने आ रही है। आने वाले समय में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा का अवैध खनन मामला पर बड़ा धमाका होने वाला है। इस धमाका में सरकार तक असर देखने को मिल सकता है। अवैध खनन से कमाई गई अरबों रुपए का हिसाब प्रशासनिक अधिकारी को देना पड़ सकता है, चल अचल संपत्ति पर हो सकता है कार्रवाई। माफिया गिरोह के लोगों से जुड़े हवाला कारोबारी भी इस मामला में अपने आप को बचाना चाहते हैं। विदित हो कि अवैध खनन करने के पश्चात वाहनों से स्टील प्लांट तक भेजी गई लौह अयस्क का अरबों रुपए हवाला के जरिए ही एक से दूसरे लोगों तक पहुंचता है।ED, सीबीआई की जांच होती है तो कई बड़े उद्योग पति के चेहरे सामने होंगे साथ ही सरकार भी कटघरे में खड़े हो सकती है।

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