पश्चिमी सिंहभूम जिले के पिलाई हॉल में जल जीवन मिशन अंतर्गत अतर्राष्ट्रीय महिला दिवस-सह-जल महोत्सव पखवाड़ा का हूआ आयोजन
मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि यह बात सही है कि वर्तमान दौर में जल का संचयन व संरक्षण के लिए प्रयास करना मानव जीवन के लिए अहम चुनौती है
साथ ही यह भी कहा कि जमीनी स्तर पर जल संचयन/संरक्षण का संदेश पहुंचे, इसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी जलसहिया की है
संतोष वर्मा
Chaibasaःरविवार को पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय शहर चाईबासा स्थित पिल्लई हॉल में जिला जल एवं स्वच्छता समिति के तत्वावधान में जल जीवन मिशन अंतर्गत *अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस-सह-जल महोत्सव पखवाड़ा* के अवसर पर जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मंत्री- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और परिवहन विभाग- झारखंड दीपक बिरुआ, तथा विशिष्ट अतिथि जिला दंडाधिकारी -सह- उपायुक्त चंदन कुमार व उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्रीमती सविता टोपनो, गोपनीय प्रभारी कुमार हर्ष, चाईबासा/चक्रधरपुर पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, विभिन्न पंचायत के मुखिया, सहायक अभियंता सहित कर्मी, जलसहिया उपस्थित रहे। इस दौरान सर्वप्रथम उपस्थित अतिथियों को पौधा/अंग वस्त्र/मोमेंटो प्रदान कर स्वागत किया गया, तत्पश्चात संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर जिला स्तरीय कार्यक्रम का विधिवत्त शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों के कर-कमलों के द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत क्रियान्वित पेयजल योजनाओं का उचित रखरखाव एवं संचालन करने हेतु अलग-अलग पंचायत के मुखिया गण एवं जलसहिया को सम्मानित किया गया तथा मंत्री श्री बिरुआ के नेतृत्व में जल संचयन व संरक्षण का जल शपथ लिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री बिरुआ ने कहा कि यह बात सही है कि वर्तमान दौर में जल का संचयन व संरक्षण के लिए प्रयास करना मानव जीवन के लिए अहम चुनौती है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर जल संचयन/संरक्षण का संदेश पहुंचे, इसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी जलसहिया की है। उन्होंने कहा कि इसके अलावे प्रत्येक व्यक्ति के बीच जागरूकता एवं उनके अपेक्षित सहयोग और बेहतर प्रशिक्षण व कर्तव्य निष्पादन के बल पर जल संचयन/संरक्षण की दिशा में बेहतर बदलाव लाया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर एवं विभाग स्तर से विभिन्न ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का अधिष्ठापन करवाया गया, लेकिन कुशल संरक्षण/संचालन के अभाव में वह अनुपयोगी साबित हो रहा है। अधिष्ठापित ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के संपूर्ण क्रियान्वयन के लिए ग्रामीणों को जागरुक होकर आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि इस मंच से सभी नारी शक्ति को प्रणाम करता हूं। और झारखंड सरकार को बधाई देता हूं कि सरकार के द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से नारी स्वावलंबन की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है तथा जिसका अनुकरण का प्रयास दूसरे राज्यों में भी किया गया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त के द्वारा सर्वप्रथम सभी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई दी गई तत्पश्चात 8 मार्च 2026 से 22 मार्च 2026 तक संचालित जल महोत्सव पखवाड़ा के सफल व प्रभावी संचालन हेतु शुभकामनाएं प्रेषित किया गया। उपायुक्त ने कहा कि इस ग्रीष्म ऋतु में जिला के सभी क्षेत्रों में पेयजल की सुलभता हेतु पूर्व से संचालित सभी जल स्रोतों का नियमित रूप से संचालन सुनिश्चित हो, इसके लिए जिला प्रशासन प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों का बेहतर संचालन एवं रखरखाव हो, इसमें स्थानीय पंचायत के मुखिया एवं जलसहिया का अहम दायित्व है।
कार्यक्रम में चाईबासा पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार के द्वारा जल महोत्सव पखवाड़ा के संचालन संदर्भ में सभी आवश्यक पहलुओं की जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा जल स्रोतों के संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पंचायत के मुखिया एवं जलसहिया के द्वारा अपने क्षेत्र में किए गए नवाचारों की जानकारी से उपस्थित जनों को अवगत करवाया गया। साथ ही जल संचयन एवं संरक्षण आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित कर सभी को जल संरक्षण दायित्व के प्रति जागरूक किया गया।



