Chaibasa: जिला परिषद जोन मिरान मुंडा को झूठा केस में फँसाने का आरोप, पत्नी ने लगाया महामहिम राष्ट्रपति से न्याय की गुहार; गोइलकेरा बाजार में पंपलेट वितरण कर रिहाई को लेकर जुटाया जा रहा है समर्थन

गोइलकेरा बाजार में जोन मिरान मुंडा को झूठा केस में फंसा कर जेल भेजने की साजिश के विरुद्ध गोइलकेरा बाजार में पंपलेट वितरण कर दुकानदार बाजार में आए हुए किसान मजदूरों से आर्थिक चंदा देकर जोन मिरन मुंडा का रिहाई का समर्थन किया


जॉन की पत्नी नें की अपील, बांटी पंप्लेट


चाईबासा: शुक्रवार को आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया के नेतृत्व में गोइलकेरा बाजार में जोन मिरान  मुंडा को झूठा केस में फंसा कर जेल भेजने की साजिश के विरुद्ध गोइलकेरा बाजार में पंपलेट वितरण कर दुकानदार बाजार में आए हुए किसान मजदूरों से आर्थिक चंदा देकर जोन मिरन मुंडा का रिहाई का समर्थन किया।

मौके पर सुनील गगराई, चुम्बूरू पिगुवा, संजय सिंकु, प्रहलाद सिंकु, जोसफ मुन्डा, माटा करोवा, कलिया मुन्डा, गंगा सिंकु, लुकना पुरती, मदन सिंकु, सुखदेव हेंब्रम, मशुरी  हेंब्रम, मेरी हेंबम, जोंगा हेंब्रम, जुली गोप अभी दर्जनों कार्यकर्ता मजदूर शामिल थे। इस संबंध में जोन मिरन मुंडा की धर्मपत्नी महामहिम राष्ट्रपति महोदय माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय माननीय उच्चतम न्यायालय माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय माननीय उच्चतम न्यायालय को लिखा पत्र का पंपलेट शामिल है, मैं पुष्पा सिंकु (मुण्डा) का अपने पति जॉन मिरन मुण्डा को झूठा केश से बरी होने के लिए गुहार पत्र।

महामहीम राष्ट्रपति महोदय।

माननीय मुख्य न्यायाधिश महोदय, माननीय उच्चतम न्यायालय । माननीय मुख्य न्यायाधिश महोदय, माननीय उच्च न्यायालय।

जोहार,

मैं पुष्पा सिंकू (गुण्डा) ग्राम जोड़ापोखर, पो०/थाना झींकपानी जिला प० सिंहभूम की रहने वाली हूँ। मेरे पति का नाम जोन मिरन गुण्डा है। जिनका उम्र 44 वर्ष लगभग है। मेरी एक बेटी भी है जो स्थानीय स्कूल में पढ़ती है। मेरे पति के 10 भाई-बहन है। जिसमें हमारे ससुर प्रधान मुण्डा दो शादी किये थे, जिसमें हमारे पति की मां मर गयी थी। मेरे ससुर इसके बाद दूसरी शादी किये थे। जिससे 9 बच्चे हुए। मेरी सास जब मरी तो मेरे पति का लालन-पालन मेरे ससुर की मां ने किया था। मेरे ससुर ACC सिमेन्ट फैक्ट्री झींकपानी में लोडिंग मजदूर के रूप में ठेकेदार के अधीन कार्यरत थे। इसी बीच मेरे ससुर प्रधान मुण्डा को ACC सीमेंट फैक्ट्री के नियोजक के द्वारा जबरदस्ती काम से बाहर कर दिया, दोनों बाप-बेटा सभी नेता, प्रबंधन एवं अफसरों के पास गए पर किसी ने इसे ध्यान नहीं दिया। अंत में मेरे पति इंटरमीडियेट के छात्र होते हुए भी ACC प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय मजदूरों के सहयोग से आंदोलन शुरू किया। स्थानीय लोग उनको गांधी जी के नाम से पुकारने लगे। ACC प्रबंधन द्वारा स्थानीय थाना झींकपानी एवं टोंटो के थाना प्रभारी को मिलाकर उन पर दर्जनों केस लाद दिया एवं हत्या का केश भी लादा, यहां तक कि वे जेल में थे तो पर भी उन पर हत्या का केश लादा। स्थानीय व्यवहार न्यायालय के जज महोदयगण एवं मजिस्ट्रेट महोदय, ACC प्रबंधन एवं TATA जी समेत सभी खान माफिया के प्रगाव में आकर उन पर लदे झुठा केश में सजा करवा दिया। पर माननीय उच्च न्यायालय (रांची) के भगवान रूपी न्याय मूर्ती जज उनको सभी केशो से बरी कर दिये। मेरे पति को जब भी मौका मिला के चुनाव लड़े और चुनाव में स्थानीय गरीब आदिवासी जनता उनको सर माथे पर उठा लिया। बिना पैसा एवं हड़िया दारू पिए उनके पक्ष में वोट डाले। वे पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान में झींकपानी के जिला परिषद् भी है, पर स्थानीय JMM के नेतागण उनको MLA एवं MP नहीं बनने देना चाहते है। इसलिए थाना प्रभारी से मिलकर झूठा केस लगवाते हैं और ऊपर से हमारे वकील को मिलाकर सजा भी करवा देते है। इसी तरह 20 से 25 साल पार हो जाता है। मेरा दावा है कि झारखण्ड बनने के बाद पश्चिम सिंहभूम में आये तमाम आरक्षी अधीक्षक एवं उपायुक्त की सम्पत्ति की जांच करवाया जाए तो सभी का दिल्ली में जमीन मकान के साथ ही सभी 100 करोड़ के आदमी हो जाते है।

इसलिए स्थानीय जज महोदय जरूर बिकाऊ हो सकते हैं। रांची में फ्लैट लेकर जरूर मेरे पति को सजा किये पर माननीय उच्च न्यायालय रांची में बैठा भगवान ने मेरे पति को बराबर न्याय देते रहे। यह कि स्थानीय प्रशासन की समझ है, कि मेरे पति अकबका कर माओवादी बन जाये TATA जी एवं ACC के सरपरस्त पदाधिकारीगण उनको वर्तमान में सूर्या हंसदा जैसे इनकाउंटर कर उनका जीवन छीन लेना। यह घटना पोटो हो, भगवान बिरसा गुण्डा जी के साथ भी हुआ। पर मेरे पति भारत के संविधान को मानते है एवं लाखों जुल्म के बाद भी शांति पूर्ण आंदोलन में विश्वास करते रहे हैं। इसी बीच स्थानीय प्रशासन ने मिलकर मेरे पति को छः माह के लिए CCA (गुंडा एक्ट) लगाकर गनोहरपुर के पास जराईकेला थाना में भेजा एवं सुबह शाम थाना में हाजिरी लगाने का आदेश दिया एवं जैसा ही छह महीना पुरा होने वाला था वैसे ही हमारे नैहर के पंचायत की एक महीला नाम सुमी सिंकू है वह मुखिया की चुनाव भी लड़ी बड़ा मोबाइल भी अपने पास रखती है उसको TATA जी एवं ACC प्रबंधन नौकरी देने के नाम पर अपने जाल में फंसाया और मेरे पति पर बलात्कार का झूठा केश भी दर्ज करवा दिया। मेरे पति इस झूठा केश में 2022 से ही मुकदमा लड़े। 10 माह जेल में रहे इसमें भी स्थानीय जज महोदयगण बेल नहीं दिये। 10 माह के बाद उनको माननीय उच्च न्यायालय से बेल मिला। इस केश को देखा जाए तो सभी गवाह सत्य के पक्ष में खड़े होकर पुलिस प्रशासन के दबाव के बाद भी सत्य ही बोले पर पूर्व की भांति प० सिंहभून चाईबासा के व्यवहार न्यायालय के जज महोदयगण उनको 10 वर्ष की सजा में बांध ही दिया एवं आज वे बेसहारा होकर घाधीडीह सेंट्रल जेल जमशेदपुर में 10 वर्ष की सजा काट रहे है। मेरे पति का एक मात्र सहारा उच्च न्यायालय झारखण्ड रांची है। अपने पति का केन्द्रीय कारा से 10 वर्ष की सजा को समाप्त करने एवं बेल हेतु आपके पास एवं स्थानीय आदिवासी जनता से हाथ जोड़कर निवेदन कर रही हूँ की भगवान रूपी न्याय मूर्ती महोदय से जमानत देने एवं केस को सुनकर न्यायमुर्ती महोदय से जमानत देने तथा आदिवासी गरीब जनता एवं स्थानीय दुकानदार भाईयों से हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रही हूँ। कि आप सहयोग आर्थिक रूप से दें ताकि माननीय उच्च न्यायालय में बहुत विद्वान अधिवक्ता रखकर अपने पति को जेल से बाहर करा सकूँ। मैं भी MA हो भाषा से पास की हूँ। वह महीला की आदत है कि मर्दों को रेप केश में फंसाना, भाया दोहन कर पैसा लेकर केश सुलह करना उसका काम है। यह पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के भाई को भी फंसाई उससे पैसा लेकर केश सुलह करवाई। फिर दूसरा नवजवान प्रधान तिरिया को भी केस में फँसाई। यह बेचारा आज तीन साल से जेल में बंद है। मैं एक महीला अपना घर संसार ठीक से चलाने हेतु एवं मेरे पति का राजनीतिक जीवन अच्छा हो जो दुनिया का धनी जिला आज TATA जी का नव उपनिवेश बन गया है। आदिवासी आज भी दातुन एवं पत्ता बेच कर जीवन यापन कर रहा है।

आपकी बेटी/बाहु पुष्पा सिंकू (मुण्डा)।

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