सड़क नहीं बनने से नाराज आठ गांवों के ग्रामीणों ने मंत्री दीपक बिरुवा के आवास का किया अनिश्चितकालीन घेराव

 सड़क नहीं बनने से नाराज आठ गांवों के ग्रामीणों ने मंत्री दीपक बिरुवा के आवास का किया अनिश्चितकालीन घेराव 



ग्रामीण मजबूर होकर आंदोलन की राह पर, गांव में स्वास्थ्य और ज़रूरी सेवाएँ ठप, 10 दिन की चेतावनी भी बेअसर, ग्रामीणों ने 15 सितम्बर को उपायुक्त को सौंपा था ज्ञापन 



Chaibasa ःसिंहभूम लोकसभा क्षेत्र के सदर चाईबासा विधानसभा अंतर्गत पंडावीर पंचायत के जोजोहातु से केचाबाईपी तक 4 किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का सब्र आखिर टूट गया। एक साल से लगातार आवाज उठाने के बावजूद न प्रशासन ने सुध ली और ना ही स्थानीय विधायक सह मंत्री दीपक बिरुवा ने। जिसके बाद अब ग्रामीणों ने ऐलान कर दिया था कि 26 सितम्बर 2025 (शुक्रवार) से मंत्री बिरुवा के आवास का अनिश्चितकालीन घेराव किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को जोजोहातु, सिंगीजारी, अंजेडबेड़ा, तुम्बाहाका, सरजाेमबुरु, पाटातारोब, हेसाबाधं समेत अन्य के गांव हजारों की संख्या में पारंपरिक हथियार तीर धनुष समेत अन्य औजारों से लैस क्षेत्र के ग्रामीण महिला-पुरुष व बुजुर्गों ने स्थानीय विधायक सह मंत्री दीपक बिरुवा के तांबो खूंटखंटी मैदान स्थित आवास पहुंचकर घेराव किया। झमाझम बारिश के बीच हजारों की संख्या में ग्रामीण पहुंचे हुए थे और काफी आक्रोश नजर आ रहे थे। वहां मौके पर मौजूद सदर अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी समेत अन्य पदाधिकारियों ने ग्रामीणों को समझने का प्रयास किया। लेकिन वह लोग सड़क बनाने की मांग पर अड़े रहे। दरअसल चाईबासा विधानसभा अंतर्गत पंडावीर पंचायत के जोजोहातु से केचावाईपी तक 4 किलोमीटर सड़क की स्थिति काफी जर्जर अवस्था में है। इस सड़क की दुर्दशा का असर सीधे गांव की स्वास्थ्य सेवाओं, एंबुलेंस की पहुँच, बच्चों की पढ़ाई, किसानों की उपज ढुलाई और आपातकालीन सेवाओं पर पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण बीमार मरीज अस्पताल तक नहीं पहुँच पा रहे हैं और गाड़ियाँ कीचड़ व गड्ढों में फंस जाती हैं।

 ग्रामीणों ने पिछले 1 वर्ष से प्रशासनिक पदाधिकारी से मिलकर सड़क निर्माण के लिए लिखित आवेदन बेकार मांग की जा रही है। कुछ दिन पूर्व भी प्रशासनिक पदाधिकारी से मिलकर सड़क निर्माण के लिए लिखित निवेदन किया था। उसी दिन मंत्री दीपक बिरुवा को भी पत्र सौंप कर साफ कहा गया था कि 10 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो घेराव होगा। लेकिन तय समय सीमा गुजर जाने के बाद भी न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुँचे और न ही मंत्री ने कोई ठोस कदम उठाया।

ग्रामीणों का कहना है कि वे कोई हंगामा नहीं करना चाहते थे, लेकिन जब उनकी बातों को लगातार अनसुना किया गया तो अब शांतिपूर्ण आंदोलन ही आखिरी हथियार है। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि – “अबकी बार सिर्फ आश्वासन नहीं चलेगा, जब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।”

ग्रामीणों ने मंत्री दीपक बिरुवा पर सीधा निशाना साधा है। उनका कहना है कि मंत्री अपने क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं से मुंह मोड़कर राजनीति में व्यस्त हैं। जनता सड़क के अभाव में रोज़ परेशान हो रही है, लेकिन मंत्री का ध्यान न तो अपने गांव की ओर है और न ही जिले की ओर।

जिला प्रशासन भी इस मामले में पूरी तरह निष्क्रिय दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी अफसर फाइल दबाकर बैठे हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर जिला मुख्यालय से चंद किलोमीटर दूर स्थित गांवों की सड़क तक ठीक कराने में प्रशासन की इतनी बेरुख़ी क्यों?

आन्दोलनकारी ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि 26 सितम्बर से शुरू होने वाला यह घेराव अनिश्चितकालीन होगा। यानी जब तक निर्माण की ठोस घोषणा नहीं होती, मंत्री का घर घेरे रहेगा। ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन से विधि-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि – “अगर हमें दबाने की कोशिश हुई तो जनता और उग्र हो जाएगी।

इधर स्थानीय विधायक सह मंत्री दीपक बिरुवा का आवास घेरने की सूचना पाकर सुबह से ही काफी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिए गए थे।

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