असम चुनाव में झामुमो के बेहतर प्रदर्शन करने की चर्चा, शुरुआती सर्वे में 5 से 7 सीट पर जीत दर्ज करने की संभावनाः राजनीतिक

 असम चुनाव में झामुमो के बेहतर प्रदर्शन करने की चर्चा, शुरुआती सर्वे में 5 से 7 सीट पर जीत दर्ज करने की संभावनाः राजनीतिक सूत्र, 21 उम्मीदवारों की सूची जारी

असम चुनाव में झामुमो के स्टार प्रचारक हेमन्त और कल्पना की जोड़ी को जनता की पहली पसंद मान रहे हैंः सूत्र



असम चुनाव में झामुमो किंग मेकर बनने की भूमिका निभा सकता है, हेमन्त सोरेन का जलवा से कॉंग्रेस को भारी नुकसान पहुंच सकता है. सूत्र



हेमन्त सोरेन ने असम चुनाव में मंत्री दीपक बिरूआ और सांसद जोबा मांझी को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी. सूत्र



झामुमो टीम वर्क पर अपनी राजनीतिक रणनीति को सफल बनाने में लगी हुई है, कांग्रेस के अड़ियल रुख अपनाने से असम में पार्टी को भारी नुकसान होने की संभावना से इंकार नहीं



असम चुनाव को लेकर झारखण्ड में झामुमो के अन्दर भारी उत्साह देखा जा रहा हैः सूत्र



झामुमो को नजर अंदाज करना, कॉंग्रेस को भारी पड़ सकता हैः सूत्र

असम चुनाव को लेकर कॉंग्रेस झामुमो के बीच तालमेल नहीं होने का खामियाजा झारखण्ड में देखने को मिल सकता हैः सूत्र

भाजपा झामुमो और काँग्रेस के इस खटास को मिठास में बदलने को बेकरार दिख रही हैः सूत्र

झामुमो के कार्यकर्ताओं में असम चुनाव को लेकर उत्साहित,मंत्री, सांसद, विधायक भी असम के लिए रवाना होने की खबर


संतोष वर्मा

Chaibasaः दिल्ली में बैठे कॉंग्रेस के आला नेताओं का झामुमो के प्रति बेरुखी का नतीजा असम विधानसभा चुनाव में दिख सकता है. बिहार विधानसभा में जैसा दृश्य दिखने को मिल सकता है. झामुमो को नजर अंदाज करना, झारखण्ड में इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है. भाजपा इस मामले को बहुत नजदीकी से देख रही है, अपने राजनीतिक लाभ और हानि पर नजर बनाए हुए है. आज भारत देश में हेमन्त सोरेन एक मात्र आदिवासी समुदाय के बीच नेता के रूप में उभरे हैं, हाल ही में हुए एक वर्ष पूर्व झारखण्ड विधानसभा चुनाव में जिस तरह अपनी कुशल रणनीति से विरोधियों और विशेष रूप से भाजपा को सत्ता से दूर करने और अपने दम पर झामुमो को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में खड़ा करने के साथ साथ गठबंधन में रहने वाले कॉंग्रेस और राजद को भी मजबूती प्रदान करने का काम किया है. झारखण्ड में झामुमो के बिना कॉंग्रेस शून्य है. कॉंग्रेस अपनी राजनीतिक रणनीति बनाने में पूरी तरह से विफल हो रही है.असम चुनाव में झामुमो को अहमियत नहीं देकर कॉंग्रेस अपने आप को सत्ता पाने से दूर रहने का काम कर रही है. झामुमो के साथ तालमेल नहीं करना, निकट भविष्य में काँग्रेस की दुर्गति होना निश्चित है.कॉंग्रेस अपनी विफल रणनीति से भाजपा को प्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचाने का काम कर रही है. ऐसा लगता है कि कॉंग्रेस पार्टी में भाजपा के लोगों की सेंधमारी हो चुकी है, जिसका नतीज़ा है कि झामुमो के साथ तालमेल नहीं होने देना. सूत्रों के अनुसार दिल्ली में बैठे काँग्रेस के नेता भाजपा के सम्पर्क में रहते हैं यूँ कहा जा सकता है कि भाजपा से सभी तरह से लाभ लेते हैं. ऐसे में असम चुनाव कॉंग्रेस के लिए सत्ता हासिल करने की बात कहना अपने आप में अटपटा सा लगता है. असम चुनाव का असर झारखण्ड सरकार यानी गठबन्धन सरकार पर पड़ सकता है. उम्मीद जताई जा रही है कि असम चुनाव में झामुमो बेहतर प्रदर्शन करने वाली है. स्टार प्रचारक हेमन्त सोरेन और कल्पना सोरेन को जोड़ी असमिया आदिवासी एवं अल्पसंख्याक मतदाता फैन हो चुके हैं, जनता झामुमो को भाजपा और कॉंग्रेस का विकल्प के रूप में देख रहे हैं. झामुमो 21 सीटों पर चुनाव लड़ने और जीत की रणनीति पर योजनाबध्द तरीके से रणनीति को सफल बनाने में हेमन्त और कल्पना की टीम जोर शोर से काम कर रही है. सूत्रों की माने तो  आज का सर्वे के आधार पर झामुमो को 5 से 7 सीट पर जितने कि संभावना व्यक्त की जा रही है, आने वाले चुनाव के अंतिम दौर में यह संख्या बढ़ भी सकती है.

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