बड़ी खबर : लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, सिंहभूम सांसद गीता कोड़ा हुई भाजपा में शामिल, सिंहभूम हुआ भगवा मैय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अब कोलहान का विकास में लगेगा चार चांद

कोड़ा दाम्पती का उपेक्षा करना और सोनाराम सिंकु को मंत्री नहीं बनाना पड़ा चंपाई सोरेन सरकार और कांग्रेस को महंगा


चाईबासा/संतोष वर्मा : झारखंड के पूर्व सीएम मधु कोड़ा और चाईबासा की सांसद गीता कोड़ा ने भाजपा का दामन थाम लिया है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रदेश कार्यालय में दोनों को पार्टी की सदस्यता ग्रहण करायी. गीता कोड़ा और मधु कोड़ा के भाजपा में शामिल होना पार्टी के लिए प्राइज कैच माना जा रहा है. वहीं कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के लिए यह बहुत बड़ा झटका है. क्योंकि कोल्हान क्षेत्र में गीता कोड़ा की अच्छी पकड़ है.

लोस चुनाव से पहले कांग्रेस गठबंधन को लगेगा बड़ा झटका,सिंहभूम की एक महिला सांसद कांग्रेस छोड़ देश के यशशवी प्रधामंत्री नरेंद्र भाई मोदी के हाथ को मजबुत करने तथा देश का विकाश की गाथा को आगे बढ़ाने के लिए भाजपा का दामन थाम ली है सांसद गीता कोड़ा।लोकसभा चुनाव से पहले सांसद गीता कोड़ा के भाजपा में शामिल होने से झारखंड की इंडिया गठबंधन को बड़ा झटका मिला है. जानकारी के अनुसार, सिंहभूम की सांसद गीता कोड़ा व प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष पूर्व सीएम मधुकोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा भाजपा का दामन थाम ली है। 

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया की गीता कोड़ा भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। 


झारखंड के राजनीतिक घटनाक्रम और समीकरण को देखे जाय तो गीता कोड़ा भाजपा में शामिल होने से यह पार्टी के लिए बहुत बड़ी जीत होगई है।वहीं कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है. क्योंकि कोल्हान क्षेत्र कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के हाथ से निकलने की संभावना बढ़ गई है।वैसे में गीता कोड़ा के रूप में कोल्हान में एक नेता या नेत्री चुना कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के लिए मुश्किल हो जायेगी।

मालूम हो कि कुछ महीने पहले से ही यह अटकलें लग रही थी की जिस तरह से इंडिया गठबंधन झारखंड में कोड़ा दाम्पती को उपेक्षा किया जा रहा है और जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकु को झारखंड सरकार के मंत्रालय में मंत्री पद नहीं देना यह भी एक बड़ा कारण है। चाईबासा में बाबूलाल के साथ गीता कोड़ा और मधु कोड़ा की सीक्रेट मीटिंग हुई पूर्व में हो चुकी थी. खैर मामला कुछ भी लेकिन कोलहान के राजनिती में बड़ा बदलाव होने वाली है.ज्ञात हो की महागठबंधन की सरकार में लगातार कोड़ा दंपति के राजनीतिक कद को छोटा करने का प्रयास किया जा रहा था।

सरकार गीता कोड़ा के अनुशंसा पर ध्यान नहीं दे रही थी।सबसे बड़ी बात यह भी सामने आ रही है कि मधु कोड़ा के चहेते विधायक श्री सोना राम को कांग्रेस ने मंत्री पद नहीं दिया ,इससे मधु कोड़ा काफी नाराज़ हो गए।इस बार सिंहभूम लोकसभा में आर पार की लड़ाई देखने को मिलेगी। जहां जेएमएम का सभी विधायक,मंत्री के साथ साथ मुखमंत्री का प्रतिष्ठा दांव पर होगी,वही भाजपा से कोड़ा दंपति का विजय रथ लोकसभा में जाने की कोई कसर नहीं छोड़ेगी। लोकसभा चुनाव में भाजपा का नैया पार लगाने के लिए गीता कोड़ा को अंतः भाजपा के शीर्ष नेताओं के सहमति के बाद शामिल होना पड़ा।

कोड़ा दंपति के आने के बाद जिला में भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है,अचानक से जिला के राजनीतिक वातावरण बदल गया है।अब देखना है कि जगन्नाथपुर विधायक का रुख किया होगा।कांग्रेस के कई नाराज़ विधायक भी कोड़ा दंपति के साथ आज भाजपा का दामन थामने वाले थें,लेकिन अचानक से विधानसभा सत्र को ध्यान में रखकर स्थगित कर दिया गया।सूत्रों की माने तो विधायक सोना राम सिंकु के साथ कई विधायक भी भाजपा ज्वाइन करने की चर्चा हो रही है।

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