चाईबासा नगर निकाय चुनावःअब तक के रुझान के अनुसार नितिन प्रकाश, रमेश खिरवाल, फैयाज खान के बीच घमासान लड़ाई के साथ साथ सुनील साव चौथा कोण बनने के लिए प्रयासरत हैं
मंत्री दीपक बिरुआ से मुस्लिम समाज की नाराजगी का खामियाजा नितिन प्रकाश को उठाना पड़ सकता है। सुत्र
उरांव समाज अब तक किसी प्रत्याशी के पक्ष में खुलकर समर्थन करते नज़र नहीं आ रहे हैं, जिसके कारण ऊहापोह की स्थिति कायम है। सूत्र
वैश्य समाज पर भाजपा प्रत्याशी रमेश खिरवाल को पूरा भरोसा, लेकिन सुनील साव के पक्ष में समाज के अधिक गणमान्य लोगों का समर्थन मिलने की संभावना। सूत्र
नितिन प्रकाश को सभी समाज के लोगों का थोड़ा बहुत समर्थन मिलने से स्थिति अन्य प्रत्याशियों के मुकाबले बेहतर माना जा रहा है। सूत्र
संतोष वर्मा
Chaibasaः नगर पर्षद के अध्यक्ष उम्मीदवार नितिन प्रकाश को चुनावी मैदान में पटखनी देने के बहाने परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ की घेरा बंदी करने में विरोधी गुट कोई कसर नहीं छोड़ रहें हैं। चुनावी मैदान में नितिन प्रकाश को लंघी मारने में जहां पूर्व मंत्री मिथलेश ठाकुर के करीबी सुनील साव लगातार पीछा करते नजर आ रहे हैं वहीं मुस्लिम समुदाय के मजबूत प्रत्याशी फैय्याज खान चुनावी मैदान में पूरी तरह से डटे हैं। सूत्रों की माने तो मधु कोड़ा अपने पार्टी समर्थक प्रत्याशी रमेश खिरवाल को जीत दिलाने से ज्यादा फैयाज खान को मजबूत करने में जुटे हुए हैं, दूसरी ओर सूत्रों के अनुसार काबू दत्त को भी मधु कोड़ा बंगोली समाज के तरफ करने की कोशिश कर रहे हैं। समीकरण में नितिन प्रकाश सभी समाज में थोड़ी बहुत पकड़ से चुनावी मैदान में मजबूती के साथ डटे हैं। लेकिन मंत्री दीपक बिरुआ हराओ की कोशिश में नितिन प्रकाश फंसते नज़र आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार मुस्लिम समाज महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव में AIAIIM की पार्टी यानि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए फैयाज खान के प्रति गोलबंद होते नज़र आ रहे हैं। यदि मुस्लिम समाज के लोक किसी एक प्रत्याशी के पक्ष में खुलकर वोट करते हैं तो चुनावी समीकरण और चुनावी दृश्य बदल सकता है। इस पूरे चुनाव में झामुमो से मुस्लिम समुदाय काफी नाराज दिख रहे हैं, कारण यह है कि मंत्री दीपक बिरुआ ने आलाकमान से मुस्लिम प्रत्याशी का समर्थन में नितिन प्रकाश को नहीं बैठाया। मंत्री दीपक बिरुआ को इस चुनाव में पाना कम और खोने का खतरा ज्यादा दिख रहा है, क्यूंकि अब तक पूर्व मंत्री इस चुनाव से किनारा कैसे किए हुए हैं, और सुनील साव चुनाव मैदान में जमकर डटे हुए हैं, यही हालत रहा तो सुनील साव भी नया गुल खिला सकता है, क्यूंकि वैश्य समाज की एक जुटता सुनील साव को जीत के दरवाजे तक पहुंचा सकती है। भाजपा के बागी उम्मीदवार काबू दत्त भी वोट पाने के आपा धपी में कुछ न कुछ नितिन प्रकाश को नुकसान पहुंचा देंगे। उरांव समाज पर सभी प्रत्याशी की गिद्ध दृष्टि है, जिसमें नितिन प्रकाश सबसे आगे दिख रहे हैं, वहीं उरांव समाज भी प्रत्याशी चयन में काफी गंभीर नज़र आ रहे हैं। अगर उरांव समाज के लोग फैयाज खान की तरफ रुख करते हैं तो फैयाज खान बाजी पलट सकते हैं। अभी तक के सर्वे रिपोर्ट के अनुसार भाजपा समर्थित प्रत्याशी रमेश खिरवाल और नितिन प्रकाश के साथ साथ मुस्लिम प्रत्याशी फैय्याज खान त्रिकोणी संघर्ष में आ चुके हैं वहीं सुनील साव चतुष्कोणीय संघर्ष बनाने में जी जान से लगे हुए हैं। यह बताना जरूरी है कि सुनील साव से जितना नुकसान नितिन प्रकाश को हो रहा है, उससे अधिक नुकसान भाजपा समर्थक प्रत्याशी रमेश खिरवाल को होता नज़र आ रहा है। सूत्रों के अनुसार इस चुनाव में मधु कोड़ा सिर्फ मंत्री दीपक बिरुआ की गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। इस चुनाव में जीत और हार से पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और वर्तमान मंत्री दीपक बिरुआ के राजनीतिक प्रतिष्ठा दांव पर लग चुकी है। अब देखना है कि मुस्लिम समाज का वोट का बिखराव होता है या फैयाज खान के पक्ष में वोट करने का फैसला होता है, इन सब के बीच मंत्री दीपक बिरुआ से मुस्लिम समाज की नाराजगी का खामियाजा नितिन प्रकाश को होता नज़र आ रहा है।



